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AROGAY KUNJIYA
Monday, May 17, 2010
पीलिया (कामला में)-
नीम के पत्तों का रस 10 ग्राम, मिश्री 5 ग्राम व शहद 10 ग्राम तीनों मिलाकर दिन में तीन बार लेते रहने से पित्तदोष व यकृत (लीवर) की विकृति दूर हो जाती है। इससे पीलिया में यह रामबाण औषधि का काम करता है।
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ग्रीष्म विशेष
हृदय व मस्तिष्क की पुष्टि हेतुः
पीलिया (कामला में)-
पुराने बुखार में-
गले में कफ जमा होने परः
गर्मी में पीपल का मुर्रब्बा
गुर्दे की खराबी में
मधुमेह में
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